​”मिशन-समृद्धि”

‘मिशन-समृद्धि’की पाठशाला में बच्चों के बढ़ते संख्या को देखकर अति प्रसन्नता होती है ।वर्तमान में यहां बच्चे करीब 60 की संख्या में है।

सारे बच्चे बहुत खुश हैं।यह पाठशाला बच्चों रूपी बगिया को अपने परिश्रम से बिना किसी पारिश्रमिक के तन मन से लगे हैं।

हमारी अंतरात्मा में एक ही आवाज गूँज ती हैं कि 

“बच्चों तुम तक्दीर हो कल के हिन्दुस्तान का “यही आवाज हम सबकी प्रेरणा बन गयी है और एक कोशिश बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए कामयाब नजर होता आ रहा है।

लेकिन सीमित संसाधन हमारे प्रयोग में बाधक बन जाते हैं ।

चाहती हूँ इन बच्चों को पौष्टिक आहार दूं ,इन्हें वो प्लेटफार्म दूँ जिनके मातहथ यह देश के सभ्य सुसंस्कृत और जिम्मेवार नागरिक बन सके।यह इनका अधिकार है और हमसब की सामाजिक दायित्व है इन्हें मंजिल तक पहुँचाना ।

लेकिन कुछ लोगों के बदौलत हमें काफी सहायता मिल जाती है स्कूल चलाने में ।

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