​”मिशन समृद्धि”अपनी ड्यूटी जिस तत्परता से निर्वाह कर रही है शायद सरकारी तंत्र भी इसके आगे कमजोर पड़ जाएगी ।

भयंकर गर्मी में भी अपने निर्धारित जगहों से रोटी लेकर   निर्धारित स्थानों में इस टीम के सदस्य रोटी वितरण करती रही ।

जितने दिनों तक रोटी बंटी है उन सब दिनों से आज का दिन कठिन परीक्षा की घड़ी थी।वैसे तो आज दिनभर जम कर बारिश हूई है।शाम को हल्की रिमझिम फ ुहार थी जिसमें हमलोगों ने घर-घर से रोटी लेते हुए डालटन गंज के कचरवा डैम की ओर चल पड़ी ।जैसे ही कचरवा मुहल्ले के तरफ रुख किया गया वैसे ही रिमझिम फ ुहार मोटे-मोटे बूॅदों में तब्दील हो गयी ।

किस तरह से हमलोंगो ने लम्बा रास्ता तय किया काश कि इस दृश्य की तश्वीरे आपको दिखा पाती ।दोनों हाथ रोटी के झोले और छाता से बंधे हुए थे ।

हमलोग खुद से ज्यादा उनलोंगो के लिए परेशान थे कि वे लोग रोटी लेने कैसे आ पाऐंगे ? लेकिन हत्प्रभ थी यह देखकर कि उतनी अधिक बारिश में भी कुछ लोग छाता और ज्यादातर लोग boda से अपने को ढँककर रोटी का इन्तजार कर रहे थे ।

हमलोग अपनी कठिनाइयों को भूलकर काफी खुश थे कि उनका इन्तजार बेकार नहीं गया ।

मानवता की सच्ची पूजा शायद इसी का नाम है जिसे देखकर तसल्ली मिलती है।

उन क्षणों की तश्वीरे बारिश कीमत वजह से ले पाना संभव नहीं था ।कल पोखराहा पंचायत के कोवा बांग्ला में रोटी वितरण किया गया था जिसकी तश्वीरे हैं ।वहाँ भी कल पानी में हमलोग फंसे थे लेकिन वो भयावह नहीं था ।

यह अभियान सिर्फ अभियान नहीं है निश्चित रूप से इन्सानियत के तौर पर एक मिसाल है।

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