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September 2016

​”मिशन-समृद्धि”

‘समाज सेवा’करना सबके वश की बात नहीं होती ।दिखावे का ढोंग इस कार्य में अधिक दिनों तक नहीं चल सकता ।इस कार्य में वही व्यक्ति टिक सकता है जो अपने अहम् का त्याग कर सकता है धैर्य का पालन कर सकता है।

लेकिन हमारी “समृद्धि की रोटी ” अभियान की पूरी टीम पूरी आस्था के साथ अपने निर्धारित कार्यक्रमों को निष्ठापूर्वक करने में लगी रहती है जिसका प्रमाण है आठ महीने से रोटी संग्रह और वितरण का कार्य सफलता पूर्वक होता चला आ रहा है।

इस अभियान का विस्तार हमीदगंज में होने से अबफ शनिवार को  दो टाइम रोटीॅ शनि मंदिर और रेलवे परिसर में वितरण किया जाता है।

रविवार को पुनः बेलवाटिका मुहल्ले से रोटी संग्रह की जाती है और रेलवे परिसर में वितरण किया जाता है।

इस अभियान में डालटनगंज(झारखंड)के नागरिकों का बहुत बड़ा योगदान है।हम सब उनका सम्मान करते हैं।

​”मिशन-समृद्धि”

EuropeकेGeorgia में डालटन गंज (झारखंड) पांकी रोड जनक पुरी के Mr SACHIN KUMAR ने भारत का झंडा लहराया ।

उन्हें “Mr PLANET WORLD TALENT AMBASSADOR 2016. की उपाधि मिली है।यह देश के लिए तथा झारखंड के लिए गर्व की बात है।

“मिशन-समृद्धि”ने  सचिन कुमार के Georgia  जाने से पहले “समृद्धि की पाठशाला”में बच्चों के बीच उन्हें आमंत्रित किया था ।बच्चों ने उनका स्वागत किया और सबों ने उनकी सफलता की शुभकामना दी थी ।आज मि.कुमार ने पुनः पाठशाला आकर बच्चों से मिले ।बच्चों ने हीरो भैया कहकर गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया ।

यह पाठशाला उन्हें शुभकामना और बधाई देती है।

​”मिशन-समृद्धि”

EuropeकेGeorgia में डालटन गंज (झारखंड) पांकी रोड जनक पुरी के Mr SACHIN KUMAR ने भारत का झंडा लहराया ।

उन्हें “Mr PLANET WORLD TALENT AMBASSADOR 2016. की उपाधि मिली है।यह देश के लिए तथा झारखंड के लिए गर्व की बात है।

“मिशन-समृद्धि”ने  सचिन कुमार के Georgia  जाने से पहले “समृद्धि की पाठशाला”में बच्चों के बीच उन्हें आमंत्रित किया था ।बच्चों ने उनका स्वागत किया और सबों ने उनकी सफलता की शुभकामना दी थी ।आज मि.कुमार ने पुनः पाठशाला आकर बच्चों से मिले ।बच्चों ने हीरो भैया कहकर गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया ।

यह पाठशाला उन्हें शुभकामना और बधाई देती है।

​”मिशन-समृद्धि”

20 ,21 सितम्बर को अपने निर्धारित स्थानों से रोटी संग्रह कर जरूरतमंदों तक रोटी पहुँचाने का काम ‘मिशन-समृद्धी’की टीम ने बहुत ही अच्छे ढंग से किया ।आजकल मौसम कब प्रतिकूल हो जाय कहना मुश्किल है।यही हमलोंगो के साथ हो रहा है।

मुझे तो लगता है कि प्रकृति भी अपने रूप हमारे कार्यों से खुश होकर साथ चलने के लिए ठीक उसीवक्त पानी या पवन के झोंके के साथ आती है और जब तक हमलोगों का कार्यक्रम होता है वह साथ रहती है और हमसबों को घर छोड़कर स्वयं चली जाती है ।

इसे हमलोग आशीर्वाद ही समझते हैं तभी तो पोखराहा पंचायत के कोवा बंगला में जहां कि गोबर दाहा के लोग भी शामिल होते हैं वहाँ तक जरूरतमंदों तक रोटी पहुँचाते हैं।जहां कि संभावना यह भी रहती हैकि आने वक्त सवारी मिले या न मिले ।

कल शाम के वक्त मौसम पुनः अपने तेवर में साथ दिया ।हमारी टीम उसी परिस्थिति में घर-घर से रोटी संग्रह कर रेलवे परिसर में रोटी का वितरण किया ।भला हो देव प्रकाश का जिसने सही समय पर पहुँच कर हमलोगों का साथ दिया ।बैजन्ती जी भी कभी हिम्मत नहीं हारती ।मौसम बहुत खराब भी हो जाय तो वह अपनी ड्यूटी नहीं छोड़ती ।

वैसे इस टीम के सभी सदस्यों में बड़प्पन है तभी तो इतना कठिन काम आसानी से कर जाते हैं ।

जनकपुरी और देवी मण्डप के सभी सम्मानित नागरिकों को बहुत-बहुत साधुवाद ।

“मिशन-समृद्धि”””समृद्धि की रोटी अभियान” अपने मिशन में लाख कठिनाइयों के बावजूद भी अपने कार्य के प्रति निष्ठाशान है।मंगलवार यानि 13सितम्बर को रोटी डालटनगंज के जनकपुरी मुहल्ले से संग्रह कर ली गईं ।उस दिन पोखराहा के गोबरदाह और कोवाबांग्ला में रोटी वितरण की जाती है।हमारी टीम रोटी के झोले के साथ घंटों खड़ी रहीऑटो के लिए लेकिन किसी भी ऑटो में इतनी जगह नहीं थी कि हम तीन महिला बैठ सके ।हमलोगों को पुनः रेलवे स्टेशन आकर भोजन वितरण करना पड़ा ।जाने समय तो ऑटो मिल गया था परंतु आने समय रात के 08 बजे गये थे हमें सवारी नहीं मिल पाया और कीचड़ एवं फिसलन भरे रास्ते को पार करते हुए अपने-अपने घर पहुँचे ।यह बातें मैं बहादुरी बटोरने के लिए नहीं बल्कि इनके जज्बे को सलाम करने के लिए लिखी हूँ ।आप सब बुद्धिजीवी वर्ग सदैव ही ‘समृद्धि की रोटी’एवं’समृद्धि की पाठशाला ‘ पर नजर रखते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं चाहे वह कभी प्रतिकुल भी हो तो हम उसे नकारात्मक रूप से कभी नहीं लेते ।यहाँ के सम्मानित एवं संवेदनशील नागरिकों के बदौलत हमारा अभियान सफलता की ओर बढ़ता जा रहा है।(मेदिनी नगर -झारखंड )

​”मिशन-समृद्धि””

“समृद्धि की रोटी अभियान” अपने मिशन में लाख कठिनाइयों के बावजूद भी अपने कार्य के प्रति निष्ठाशान है।मंगलवार यानि 13सितम्बर को रोटी डालटनगंज के जनकपुरी मुहल्ले से संग्रह कर ली गईं ।उस दिन पोखराहा के गोबरदाह और कोवाबांग्ला में रोटी वितरण की जाती है।

हमारी टीम रोटी के झोले के साथ घंटों खड़ी रहीऑटो के लिए लेकिन किसी भी ऑटो में इतनी जगह नहीं थी कि हम तीन महिला बैठ सके ।

हमलोगों को पुनः रेलवे स्टेशन आकर भोजन वितरण करना पड़ा ।जाने समय तो ऑटो मिल गया था परंतु आने समय रात के 08 बजे गये थे हमें सवारी नहीं मिल पाया और कीचड़ एवं फिसलन भरे रास्ते को पार करते हुए अपने-अपने घर पहुँचे ।यह बातें मैं बहादुरी बटोरने के लिए नहीं बल्कि इनके जज्बे को सलाम करने के लिए लिखी हूँ ।आप सब बुद्धिजीवी वर्ग सदैव ही ‘समृद्धि की रोटी’एवं’समृद्धि की पाठशाला ‘ पर नजर रखते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं चाहे वह कभी प्रतिकुल भी हो तो हम उसे नकारात्मक रूप से कभी नहीं लेते ।यहाँ के सम्मानित एवं संवेदनशील नागरिकों के बदौलत हमारा अभियान सफलता की ओर बढ़ता जा रहा है।

(मेदिनी नगर -झारखंड )

“मिशन-समृद्धि”हर्ष की बात यह है कि ‘समृद्धि की रोटी अभियान का विस्तार ह मीद गंज मुहल्ले में किया गया है।अब शनिवार को दो टाइम रोटी वितरण किया जाता है।सुबह में शनि मंदिर और शाम को पहले की तरह रेलवे परिसर में वितरण किया जाता है जो लगभग 9 महीनों से बेलवाटिका मुहल्ले वासियों द्वारा प्रदान किया जाता रहा है।पूर्वाहन् 11 बजे तक हमीदगंज मूहल्ले से रोटी इकट्ठी कर ली जाती हैऔर शनि मंदिर में रोटी वितरण कर दी जाती है।यहाँ पर अपाहिजों और बहुत ही असमर्थ व्यक्तियों के बीच भोजन का पैकेट बांटा जाता हैं।करीब 30की संख्या में लोग रहते हैं।हमीदगंज के सम्मानित नागरिकों की ओर से यह बहुत ही बड़ा सहयोग है।मिशन समृद्धि की टीम बेलवाटिका म ुहल्ला और हमीदगंज मुहल्ले का आभार प्रकट करती है।टीम के सदस्यों की मेहनत बहुत ही संवेदनशील एवं भावनात्मक है।संस्कार भारती की पृष्ठभूमि से आई सीमा सहाय ने समृद्धि की रोटी अभियान के विस्तार के लिए हमीदगंज की पूरी जिम्मेदारी ले ली हैं और निष्ठा से करने में लग गयी हैं।

​”मिशन-समृद्धि””

“समृद्धि की रोटी अभियान” अपने मिशन में लाख कठिनाइयों के बावजूद भी अपने कार्य के प्रति निष्ठाशान है।मंगलवार यानि 13सितम्बर को रोटी डालटनगंज के जनकपुरी मुहल्ले से संग्रह कर ली गईं ।उस दिन पोखराहा के गोबरदाह और कोवाबांग्ला में रोटी वितरण की जाती है।

हमारी टीम रोटी के झोले के साथ घंटों खड़ी रहीऑटो के लिए लेकिन किसी भी ऑटो में इतनी जगह नहीं थी कि हम तीन महिला बैठ सके ।

हमलोगों को पुनः रेलवे स्टेशन आकर भोजन वितरण करना पड़ा ।जाने समय तो ऑटो मिल गया था परंतु आने समय रात के 08 बजे गये थे हमें सवारी नहीं मिल पाया और कीचड़ एवं फिसलन भरे रास्ते को पार करते हुए अपने-अपने घर पहुँचे ।यह बातें मैं बहादुरी बटोरने के लिए नहीं बल्कि इनके जज्बे को सलाम करने के लिए लिखी हूँ ।आप सब बुद्धिजीवी वर्ग सदैव ही ‘समृद्धि की रोटी’एवं’समृद्धि की पाठशाला ‘ पर नजर रखते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं चाहे वह कभी प्रतिकुल भी हो तो हम उसे नकारात्मक रूप से कभी नहीं लेते ।यहाँ के सम्मानित एवं संवेदनशील नागरिकों के बदौलत हमारा अभियान सफलता की ओर बढ़ता जा रहा है।

(मेदिनी नगर -झारखंड )

​”मिशन-समृद्धि”के तहत चल रहे “समृद्धि की पाठशाला”(निःशुल्क)में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्वतंत्रता दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया ।उनके द्वारा देशभक्ति गान “नन्हा मुन्ना”राही हूँ जैसे अनेकानेक गानों पर नृत्य प्रस्तुत किया गया ।गाना और नृत्य के साथ-साथ बच्चों ने चुटकुले भी पेश किए ।सचमुच सभी बच्चों में प्रतिभा होती है जरूरत है उन्हें निखारने की ।इन बच्चों को तो शायद यह सब करने का मंच ही नहीं मिला ।

“समृद्धि की पाठशाला”ऐसे ही बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में लगी हूई है ।

शिक्षकों ने बच्चों के बीच आजादी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।प्रो(डाॅ)सरिता कुमारी प्रो(डाॅ)अविनाश कुमार ,भारतीय सुराज दल के अध्यक्ष श्री पी के सिद्धार्थ,ज्ञानी जी,मानस तुल्स्यान अमन चक्र अहिल्या गिरी शर्मिला सूमी बैजन्ती गुप्ता राजेश जी एवं अभिभावकगण आदि उपस्थित थे।सबों ने बच्चों के हौसले को बुलन्द किया ।तथा बच्चों के बीच उनलोंगो ने अपने-अपने ढंग से मिठाईयाॅ भी बांटे।बच्चे काफी खुश थे कि उन्हें ऐसा अवसर पहली बार मिला जहांकि मंच पर वो अपनी कला को दिखा सकने में सफल हुए ।

अंजलि छवि Simran प्रियंका अनु गुड़िया अर्चना छोटी राखी सतीश सूरज एवं अन्य कलाकारों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया ।

“समृद्धि की रोटी “

​”मिशन समृद्धि”अपनी ड्यूटी जिस तत्परता से निर्वाह कर रही है शायद सरकारी तंत्र भी इसके आगे कमजोर पड़ जाएगी ।

भयंकर गर्मी में भी अपने निर्धारित जगहों से रोटी लेकर   निर्धारित स्थानों में इस टीम के सदस्य रोटी वितरण करती रही ।

जितने दिनों तक रोटी बंटी है उन सब दिनों से आज का दिन कठिन परीक्षा की घड़ी थी।वैसे तो आज दिनभर जम कर बारिश हूई है।शाम को हल्की रिमझिम फ ुहार थी जिसमें हमलोगों ने घर-घर से रोटी लेते हुए डालटन गंज के कचरवा डैम की ओर चल पड़ी ।जैसे ही कचरवा मुहल्ले के तरफ रुख किया गया वैसे ही रिमझिम फ ुहार मोटे-मोटे बूॅदों में तब्दील हो गयी ।

किस तरह से हमलोंगो ने लम्बा रास्ता तय किया काश कि इस दृश्य की तश्वीरे आपको दिखा पाती ।दोनों हाथ रोटी के झोले और छाता से बंधे हुए थे ।

हमलोग खुद से ज्यादा उनलोंगो के लिए परेशान थे कि वे लोग रोटी लेने कैसे आ पाऐंगे ? लेकिन हत्प्रभ थी यह देखकर कि उतनी अधिक बारिश में भी कुछ लोग छाता और ज्यादातर लोग boda से अपने को ढँककर रोटी का इन्तजार कर रहे थे ।

हमलोग अपनी कठिनाइयों को भूलकर काफी खुश थे कि उनका इन्तजार बेकार नहीं गया ।

मानवता की सच्ची पूजा शायद इसी का नाम है जिसे देखकर तसल्ली मिलती है।

उन क्षणों की तश्वीरे बारिश कीमत वजह से ले पाना संभव नहीं था ।कल पोखराहा पंचायत के कोवा बांग्ला में रोटी वितरण किया गया था जिसकी तश्वीरे हैं ।वहाँ भी कल पानी में हमलोग फंसे थे लेकिन वो भयावह नहीं था ।

यह अभियान सिर्फ अभियान नहीं है निश्चित रूप से इन्सानियत के तौर पर एक मिसाल है।

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